कोई भूखा आज रहे न भंडारा है कराना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आया बड़ा मंगल है भगतो ने दिल में है ठाना,

कोई भूखा आज रहे न भंडारा है कराना

जो भी सोचो जो भी चाहो वो तो सब हो जाता है

बिन मांगे बजरंग बलि से सब कुछ वो मिल जाता है

आज बड़ा ही शुभ दिन है ओर दिन भी मंगल वार है

चारो और ही बस गूंजे आज बजरंग की जैकार है

आज बड़े मंगल पे भोग इन्हें है लगाना

कोई भूखा आज रहे न भंडारा है कराना

आज ख़ुशी का दिन है बड़ा और भगत देखो झूम रहे

बार बार बजरंगी के चरणों को प्यार से चूम रहे

आरजू सर्व सजाते है और प्रेम प्रेम से गाते है

आज बड़े मंगल को हम मिल के अलख जगाते है

राजेश भैया ने ठाना चलो कुछ है करके दिखाना

कोई भूखा आज रहे न भंडारा है कराना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।