भगता नु मस्त बना वे नी ​मेरा शंकर भोला

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भगता नु मस्त बना वे नी मेरा शंकर भोला,

अज सब नु मस्त बनावे जी मेरा शंकर भोला

डमरू मस्त बजावे नि मेरा शंकर भोला

तिरलोकी नु वंडिया दाता महादेव दिया क्या ने बाता,

नाम दी भंग पिलावे नी शिव शंकर भोला

भगता नु मस्त बना वे नी ​मेरा शंकर भोला

पिंडे उते बस्म रमा के पैरा दे विच घुंगरू पाके

मथे चन सजा वे नि शिव शंकर भोला

भगता नु मस्त बना वे नी ​मेरा शंकर भोला

एक उमीद्द दीवानी हुई डमरू सुन मस्तानी होई

सरजीवन तो लिखवावे नि शिव शंकर भोला

भगता नु मस्त बना वे नी ​मेरा शंकर भोला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।