मैं जोगन हो गई आ मेरी शेरावाली मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं जोगन हो गई आ मेरी शेरावाली मैया

तेरे सिवा न मेरा कोई तेरे नाम दी पगली होई

तेरे रंग विच रंग गई मैया

मैं जोगन हो गई आ मेरी शेरावाली मैया

तेरे रंग विच मैया रंग लिया रंग मैं मस्त मलंग होके रंगी तेरे रंग मैं,

मैं सुध बुध अपनी खोई मैया की दीवानी होई

मुझे पार लगा मेरी मैया

मैं जोगन हो गई आ मेरी शेरावाली मैया

तुही मैया झंडे वाली तू ही मैया काली है

चिंता मिटाने वाली चिंतपूर्णी रानी है

ज्वाला में ज्योत निराली दर झुकते लाख सवाली

मेरी झोली भर दे मैया

मैं जोगन हो गई आ मेरी शेरावाली मैया

लाखो की नैया तूने पार लगाई है

नैना देवी मैया मैंने नैनो में वसाई है,

तनिषा भी शरण में आई सब देने लगे वधाई कर चेहल की पार नैया

मैं जोगन हो गई आ मेरी शेरावाली मैया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।