बहू भोले की

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तने छोडू नही भोले नाथ मेरी सब सखिया मने चिडावे से

भोटे की बहु बतावे से

तने राख रमा ली काया में दिए बाँध घुंगरू पाया में

तेरी आँख नशे में लाल घनी मने भोले नाथ बतावे से

भोटे की बहु बतावे से .......

मसेड मर्द मेरे घर पड़ गया भंग घोट घोट मेरा रंग चड गया

तू करके चलक क्यों करता रोला जब देखो भंग घुटावे से

भोटे की बहु बतावे से

गोरा बोलती न बात क्यों जिद पे अड़ी क्यों पीहर न जईये क्यों रुसी पड़ी

तू ले सखियों की और मेरी मैं सो सो फुट बतावे से

मने छोड़ बता कीथ जावे से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।