घुमा दे फागण बालमा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आयो फागण रंग रंगीलो,

भरयो खाटू धाम मैं मेलो,

आवे लाखों ही नर नारी,

रंग हाथ में ले पिचकारी,

खेलो श्याम धणी को आयो बालमा

मेलो फागण को इबके घुमादे बालमा,

मन्ने श्याम धणी से मिलादे बालमा....

तेरी मती गयी सै मारी,

तन्ने चढ़ री घणी खुमारी

इसकी सेठां के संग यारी,

क्यूँ ना बात समझ तेरे आरी

छोटी चादर मैं पैर पसारूँ कियाँ बावली

कैसे फागण का मेला मैं घुमादु बावली

तन्ने श्याम से कैसे मैं मिलादूँ बावली....

होली खेलैं श्याम दीवाने,

संग बाबा के मस्ताने

बज रे ढोलक चंग नगाड़े,

लग रे सुन्दर बड़े नज़ारे

झूमे धरती अम्बर संसार बालमा

मेलो फागण को इबके घुमादे बालमा

मन्ने श्याम धणी से मिलादे बालमा....

जी मेरा भी सै कर रया,

खाटू गये हो गया अरसा

छू री आसमान महंगायी,

इबकी तनख़्वाह भी ना आयी

केसे खर्चा चलेगा इस बार बावली

केसे फागण का मेला मैं घुमादूँ बावली

तन्ने श्याम से केसे मैं मिलादूँ बावली....

छोड़ चिंता कल की सारी,

खुद देखेगो श्याम बिहारी

मेरे श्याम की लखदातारी,

या जानै सै दुनिया सारी

तू भी चरणों की धोक लगाले बालमा

मेलो फागण को इबके घुमादे बालमा

मन्ने श्याम धणी से मिलादे बालमा....

तू सै जीती और मैं हारा,

ले लिया श्याम नाम का सहारा

तेरी बात मानली सारी,

री पूनम करले इब तैयारी

माना मेला फागण का सबसे नयारा बावली

तन्ने फागण का मेला मैं घुमादूँ बावली

इबके श्याम से तन्ने मैं मिलादूँ बावली...

इबके सगला ही खाटू आपाँ चालां बावली

इबके सगला ही खाटू आपाँ चालां बालमा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।