श्याम मेरा करना तुम इंतजार कल फिर मिलने आउंगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम मेरा करना तुम इंतजार कल फिर मिलने आउंगी,

मैं कल न देर लगाऊ मैं तो जल्दी जल्दी आऊ

तेरे प्यार में खिची कन्हिया मैं तो दोडी दोडी आऊ,

पक्का वाधा है इस वार मैं देर नही लगाऊ गी

श्याम मेरा करना तुम इंतजार कल फिर मिलने आउंगी,

लाऊ तेरे लिए मैं माखन खा के खुश हो जाए गा मन

तुझे बड़ा पसंद है कन्हिया तेरे दिल का खिल जाए आँगन

कल फिर न्यारी छाए बहार माखन ज्यादा लाऊंगी

श्याम मेरा करना तुम इंतजार कल फिर मिलने आउंगी,

तेरे सिवा कुछ नजर ना आये बिन तेरे कुछ न भाये

हो बिना मिले रे कन्हिया ये राधा न रुक पाए

इक तू ही मेरा दिलदार मैं प्यार निभाऊ गी

श्याम मेरा करना तुम इंतजार कल फिर मिलने आउंगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।