फरियाद मेरी सूनके

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

फरयाद मेरी सुन के बजरंगी चले आना,

नित ध्यान धरूँ तेरा बिगड़ी को बना जाना,

फरियाद मेरी सुनके....

तुझे अपना समझकर मैं फरियाद सुनाते है,

तेरे दर पे आकर मैं नित धुनी रमाता हु,

क्यूँ भूल गये भगवन मुझे समझ के बेगाना,

फरियाद मेरी सूनके ........

नैनो में भरे आँसू क्यूँ तरस ना खाते हो,

क्या दोष हुआ मुझसे मुझे क्यूँ ठुकराते हो,

अब मेहर करो बाबा सुन कर ये अफ़साना,

फरियाद मेरी सूनके.......

तुम बिन ना कोई मेरा अब नाथ सहारा हो ,

इस जीवन को मैने तुझ पर ही वारा है,

मर्जी है तेरी हनुमत अच्छा नही तड़पाना,

फरियाद मेरी सुनके......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।