मंगल फैलाए तेरा नाम हरि

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मंगल फैलाए तेरा नाम हरि

तेरे नाम में आनंद आ जाए

दुःख चिंता सब मिट जाए

तेरे नाम में मन जो लग जाए

निर्मलता हरि नाम से मिलती

जप से भाग्य की रेखा बदलती

उसका जीवन धन्य हैं होता

गुरुदीक्षा जिसे मिल जाए

हरि नाम में आनंद आ जाए

जो भी मुख से नाम हैं जपता

नाम जपने से पाप हैं मिटता

बिगड़ी बने उसकी जीवन में

हरि हरि जो जपता जाए

तेरे नाम में आनंद आ जाए

तारे हरि का नाम उसे जो

गुरूमुख हो हरि नाम जपे जो

हरि हरि प्रेम से जपता जाए

उद्धार हैं उसका हो जाए

हरि नाम में आनंद आ जाए

उसको शांति मिल जाती हैं

उसकी भ्रांति मिट जाती हैं

सब दोषों से मुक्त रहे वो

श्वासों में नाम जो बस जाए

हरि नाम में आनंद आ जाए

हितकारी तेरा नाम हैं जग में

असली धन यहीं हैं जीवन में

पावनकारी नाम हरि का

मंगलकारी नाम हरि का

सब सुखों की खान यहीं हैं

ये साधन जो आ जाए

हरि नाम में आनंद आ जाए

प्रेम गुरू का हैं जिस मन में

वो ही सफल हैं इस जीवन में

गुरू शरण में आए हैं जो भी

गुरूकृपा हैं मिल जाए

हरि नाम में आनंद आ जाए

मंगल करें हरि नाम सभी का

मंगल करें हरि नाम

राम नाम की हैं महिमा भारी

खुद जपते हैं शिव त्रिपुरारी

राम नाम की महिमा बताने

हनुमान बन आ जाए

हरि नाम में आनंद आ जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।