श्री बाला जी महाराज अनोखी थारी झांकी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

श्री बाला जी महाराज अनोखी थारी झांकी

थारे सिर पे मुकट विराजे कानन में देखो कुंडल साजे,

गल वैजयन्ती माल अनोखी थारी झांकी

बाला जी महाराज अनोखी थारी झांकी

हर नैनो में सुरमा साजे माथे पे है तिलक विराजे,

मुख में नागर पान अनोखी थारी झांकी

बाला जी महाराज अनोखी थारी झांकी

थारे अंग में चोला साजे उपर से देखो वरक विराजे,

रोम रोम में राम अनोखी थारी झांकी

बाला जी महाराज अनोखी थारी झांकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।