श्री हरि को बसाना है

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना है

हरि नाम की महिमा को जग ने माना है

प्रभु नाम की ज्योति से जग उजियारा है

सूरज चंदा तारों में स्वामी तेज तुम्हारा है

स्नेह छाया में उनकी जीवन यह बिताना है

श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना है

दुनियां भँवर इक है हरि नाम किनारा है

जीवन नैया का हरि पतवार सहारा है

झूठें है सब रिश्ते अब हमने जाना है

श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना है

हरि नाम की महिमा को जग ने माना है

डाली डाली फूलों में कण कण में समाया है

सबमें प्रभु की माया जिसने संसार रचाया है

मन हो पावन उसमें प्रभु को बिठाना है

श्रद्धा से हमने श्री हरि यश को गाना है

हरि नाम की महिमा को जग ने माना है

स्नेह छाया में उनकी जीवन यह बिताना है

हरि नाम की महिमा को जग ने माना है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।