ढोलर बाज्यों रे

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

ढोलर बाज्यों रे, बाज्यो रै,

सईयों आई सावण तीज सुहावणी,

नान्ही-नान्ही बूँद पड़े छे

म्हारो लहरयो भीज्यो रै,

सईयों आई सावण तीज सुहावणी,

ढोलर बाज्यो रे, बाज्यो रै,

सईयों आई सावण तीज सुहावणी

कदम्बा की डाल पे

ढोलर घाल्यो, गीन्दड़ चाल्यो

हरिया बन की कोयल बोले,

लागे चोखो भलो रै,

सईयों आई सावण तीज सुहावणी,

ढोलर बाज्यो रे, बाज्यो रै,

सईयों आई सावण तीज सुहावणी

आपस में हिलमिल झूला,

झोटा दे दयो रै,

सईयों आई सावण तीज सुहावणी,

ढोलर बाज्यो रे, बाज्यो रे

सईयों आई सावण तीज सुहावणी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।