आजा साडी गली छड के पहाड़

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आजा साडी गली छड के पहाड़

मैं कदों दा करा पुकार नि माये आजा साडी गली छड के पहाड़,

तेरिया सूचिया ज्योता जगावा

हार फुला दे गुंध के ल्यावा

पावा गल फुला दे हार नी माये आजा साडी गली छड के पहाड़

संगता बडिया दर ते खड़िया माँ छेती आजा न कर अडिया

माँ मैं मिन्ता करा हजार नी माये आजा साडी गली छड के पहाड़

रो रो अमिडिये तेनु पुकारा आजा माये वाजा मारा

मैं तरले करा लख वार नी माये आजा साडी गली छड के पहाड़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।