तेरे भाग्य के चमकेंगे तारे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे भाग्य के चमकेंगे तारे,

पूरे होंगे सवाल तेरे सारे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख महारानी पे

क्यूँ डरता है देख के अँधेरा,

आ जायेगा रे ख़ुशी का सवेरा

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख महारानी पे

जो भी लोग चढ़ते हैं

भक्ति के रथ पे

मुश्किलें ही मुश्किलें हैं

उनके तो पथ पे

तेरी आस्था को वो आजमाएगी

तुझे मंजिल पे वो ही पहुंचाएगी

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख महारानी पे

तेरे आस पास है माँ,

तुझ से ना दूर वो

आज नहीं कल

तेरी सुनेगी जरूर वो

दुःख हरती वो सारे ही जहां का

दिल पत्थर नहीं होता कभी माँ का

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख महारानी पे

शेरो वाली माँ के लाल

शेर ही हैं होते

हस्ते मुसीबतों में डरते ना रोते

प्यासी आत्मा को जल वोही देगी

सहनशक्ति व फल वो ही देगी

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख महारानी पे

तेरे भाग्य के चमकेंगे तारे,

पूरे होंगे सवाल तेरे सारे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख माता रानी पे

भरोसा रख महारानी पे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।