तू शिर्डी धाम जाना तू शिर्डी धाम जाना

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बंदगी से हार गया तो जिन्दगी से हार गया तो बुल मत जाना प्यारे बुल माता जाना

तू शिर्डी धाम जाना तू शिर्डी धाम जाना

साईं की शरण में जाना साईं के दर्शन पाना

जाने है सब कुछ फिर भी किसा सभी केह सुनाना

जीवन नैया पार करे वो निर्धन के भंडार भरे वो साईं नाथ का दीवाना

सारा ये जमाना ये न भूल जाना

तू शिर्डी धाम जाना तू शिर्डी धाम जाना

साईं सच्चे मसीहा सब के सुनते मेरे देवा हर मर्जो की ये दवा है

भोले है भोले महादेवा प्यार करे ये बड़ा प्यार करे ये सब का सुखी संसार करे ये

साथ साथ होगा करले सफ़र सुहाना ये न भूल जाना

तू शिर्डी धाम जाना तू शिर्डी धाम जाना

गुलशन का ये सच्चा है माली लौटाएगा न तुझे खाली

अंधियारा हो राते काली लेहरी करेगा खुश हाली

साईं नाम प्यारा करे उजियारा निर्बल को ये देता सहारा

साईं राम रटते जाना धुन यही गाना ये न भूल जाना

तू शिर्डी धाम जाना तू शिर्डी धाम जाना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।