थारे रहता ओ सांवरिया डरने की के बात जी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

थारे रहता ओ सांवरिया डरने की के बात जी

नाम जपु मैं निष् दिन थारो दिन हो रात जी

थारे रहता ओ सांवरिया डरने की के बात जी

जद भी नाम रतु मैं थारो ओ खाटू के श्यामजी

काट जावे संकट की घडिया हो जावे आराम जी

हो जावे आराम जी

मन में है एक विश्वास जी बस थे हो म्हारे साथ जी

थारे रहता ओ सांवरिया डरने की के बात जी

घर की साड़ी खुशियाँ बाबा थारे दर सु पायु हूँ

भूल के सारी दुनिया दारी सेवा मागन आया हूँ

दे दो थारी चरण चाकरी देखु थाने माथ जी

थारे रहता ओ सांवरिया डरने की के बात जी

अरज करे हारे के सागे सुरेश राजस्थानी

थारी दया से छाले बाबा म्हारो दानो पानी

तासु कुछ भी छुपी ही कोन्या बाबा म्हारी बाटजी

थारे रहता ओ सांवरिया डरने की के बात जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।