गोरी गोरी मैया लाल हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

गोरी गोरी मैया लाल हनुमान

भस्म रमाये मेरे भोले नाथ

काहा रहे मैया कहा हनुमान

मंदिर रहे मैया वन हनुमान

कहा रहे मेरे भोले नाथ

कैलाश पे रहे मेरे भोले नाथ

गोरी गोरी मैया लाल हनुमान

क्या पीवे मैया क्या हनुमान

दूध पीवे मैया जल हनुमान

क्या पीवे मेरे भोले नाथ भंगिया पीवे मेरे भोले नाथ

गोरी गोरी मैया लाल हनुमान

क्या खावे मैया क्या हनुमान

हलवा खावे मैया फल हनुमान

क्या खावे मेरे भोले नाथ

भांग धतुरा मेरे भोले नाथ

गोरी गोरी मैया लाल हनुमान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।