है तमन्ना ये ही ज़िन्दगी में मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

है तमन्ना ये ही ज़िन्दगी में मेरी

तेरे दरबार आता और जाता रहूं

गाऊं तेरे भजन खाटू वाले प्रभु

गाके भजनो से तुझको रिझाता रहूं

है तमन्ना ये ही ................

दर्दे दिल की मेरे पहचान ले

तेरा प्रेमी हूँ बाबा ये तू जान ले

बेखबर ले खबर सांवरे मुलीधर

नाचूं होक मगन खाटूवाले प्रभु

तेरे चौखट पे सर को झुकता रहूं

गाऊं तेरे भजन खाटू वाले प्रभु

गा के भजनो से तुझको रिझाता रहूं

है तमन्ना ये ही ...............

प्रेमी कितने हैं तेरे संसार में

प्रेम मिलता नहीं है बाज़ार में

प्रेम ही साधना प्रेम आराधना

प्रेम पूजा तेरी प्रेम ही वन्दना

प्रेम की ज्योत दिल में जगाता रहूं

गाऊं तेरे भजन खाटू वाले प्रभु

गा के भजनो से तुझको रिझाता रहूं

है तमन्ना ये ही ................

मेरे बाबा ना मेरा इम्तिहान ले

तेरी चौखट पे रख दी है जान रे

करके सेवा तेरी गुज़री है ज़िन्दगी

तूने इतना दिया एहसान किया

पिंटू कृपा की गाथा सुनाता रहूं

गाऊं तेरे भजन खाटू वाले प्रभु

गा के भजनो से तुझको रिझाता रहूं

है तमन्ना ये ही ................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।