मेरी आँखों का तारा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हारे का सहारा है मेरी आँखों का तारा है,

खाटू में बैठा श्याम लगे जान से प्यारा है,

हारे का सहारा है मेरी आँखों का तारा है

दुःख अपने सुनाऊं मैं वो सुनता है सबकी,

लखदाता श्याम प्रभु मुझे कहने दो मन की,

दिलदार हमारा है भक्तों का दुलारा है,

खाटु में बैठा श्याम लगे जान से प्यारा है,

हारे का सहारा है मेरी आँखों का तारा है

मेरे दुःख के दिनों में श्याम मुझे दर पे बुलाते हो,

कहने की जरुरत क्या भव पार लगाते हो,

वो देख समझ लेता आँखों में जो धारा है,

खाटु में बैठा श्याम लगे जान से प्यारा है,

हारे का सहारा है मेरी आँखों का तारा है

मैंने जब भी पुकारा है तूने दिया सहारा है,

जीने का मतलब तो प्रभु श्याम हमारा है,

अब चहल दीवाने को बस तेरा सहारा है,

खाटु में बैठा श्याम लगे जान से प्यारा है,

हारे का सहारा है मेरी आँखों का तारा है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।