साईं तुझको पाना है शिर्डी में बस जाना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे शिर्डी साईं साईं राम ओ मेरे आल्हा साईं साईं राम

ओ मेरे नानक साईं ओ मेरे गोविन्द साईं

साईं मेरी जिन्दगी है साईं हर ख़ुशी

साईं सब का मालिक है साईं दिल लगी

साईं मेरे खाबो में साईं बंदगी,

जपु मैं हरपल साईं मेरी साईं से लगी

साईं तुझको पाना है शिर्डी में बस जाना है भगती में रंग जाना है साईं नाथ,

जब भी शिर्डी में आऊ साईं तेरा शुकर मनाऊ

दर्शन मैं तेरे पाऊ साईंआ

जब भजनों को तेरे गाऊ मस्ती में मैं खो जाऊ

राहत की साँसे पाऊ साईं आ

साईं राम तू साईं श्याम तू हम सब की आस तू

साईं तुझको पाना है शिर्डी में बस जाना है भगती में रंग जाना है साईं नाथ,

मेरी कावडी वाले साईं राम द्वारका माई वाले साईं राम

काशी के साहारे संग रेहना प्यारे

पानी से दीये जला कर साईं करे शिर्डी रोशन

करुना की छाया करते बाबा

दुःख वे वो साथ खड़े है खुशिया वो बाँट रहे है पूरी करते अभिलाषा बाबा

मेरी आस तू विश्वाश तू साईं मेरे रुबो रूह

साईं तुझको पाना है शिर्डी में बस जाना है भगती में रंग जाना है साईं नाथ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।