लाज रख ले तू आके बलकरिया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लाज रख ले तू आके बलकरिया

म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे

हाथ जोड़े से भगत हाथ जोड़े से

इब सुन ले तू म्हारी किलकारिया

म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे

भुत प्रेत बाबा घेरे खड़े से कष्ट कलेश म्हारे सिर पड़े से

नईया भवरा में फसी मन ढोले से

रे थारे चरना में अर्ज गुजारिया

म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे

बाला थारे चरना में हार आये से सवा मणि भेट थारी आज लाये से,

इब खोल दे बूहे दरबार के तेरे नाम दिया चडीआ खुमारिया

म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे

चेहल दीवाना तने याद करे से

आके तेरे चरना में सिर धारे से

आके अलख जगावे दरबार पे

सारी काट देवे दुःख ते बिमारिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।