उज्जैनी में बाबा ने ऐसा डमरू बजाया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

उज्जैनी में बाबा ने ऐसा डमरू बजाया

में सुध बुध भूल आया

कितना प्यारा उज्जैनी यहां दरबार सजाया

मैं सुध बुध भूल आया

सुनाने को बाबा मैं ऐसा सुनाऊंगा

भजनों से भूले में जो तुमको रिझाऊंगा

डमरू की धुन में बाबा ऐसा नाद बजाया

मैं सुध बुध भूल आया

करूंगा मैं सेवा तेरी चरण पखारूंगा

नैनो से भोले हा में तुमको निहारूंगा

दीपक दास ने महाकाल तुम्हारा ही गुण गाया

मैं सुध बुध भूल आया

उज्जैनी में बाबा ने ऐसा डमरू बजाया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।