हर साँस में हो सुमिरन तेरा

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण आरती कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर साँस में हो सुमिरन तेरा,

यूँ बीत जाये जीवन मेरा

तेरी पूजा करते बीते साँझ सवेरा

यूँ बीत जाये जीवन मेरा

नैनो की खिड़की से तुमको पल पल मै निहारूँ

मन में बिठालू, तेरी आरती उतारूँ

डाले रहू तेरे चरणों में डेरा,

यूँ बीत जाए जीवन मेरा

हर साँस में हो सुमिरन तेरा,

यूँ बीत जाए जीवन मेरा

जो भी तेरा प्यारा हो, वो मेरे दिल का प्यारा हो

मेरे सर का ताज मेरी आँखों का तारा हो

सबमे निहारूँ रूप सुनहरा,

यूँ बीत जाए जीवन मेरा

हर साँस में हो सुमिरन तेरा,

यूँ बीत जाए जीवन मेरा

प्यार हो, सत्कार हो, एतबार हो तुम्हारा

सुख भी हो सारे और याद हो इशारा

हो आत्मा पर तेरा ही डेरा,

यूँ बीत जाए जीवन मेरा

हर साँस में हो सुमिरन तेरा,

यूँ बीत जाए जीवन मेरा

तेरी पूजा करते बीते साँझ सवेरा,

यूँ बीत जाए जीवन मेरा

हर साँस में हो सुमिरन तेरा,

यूँ बीत जाए जीवन मेरा

प्यारे यूँ बीत जाए जीवन मेरा

राधे राधे गोविन्द, गोविन्द राधे

राधे राधे गोविन्द, गोविन्द राधे

गोविन्द राधे, गोपाल राधे

गोविन्द राधे, गोपाल राधे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।