कैसा दानव धरती पे आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कैसा दानव धरती पे आया जिसने सारे जगत को हिलाया,

ना बचा कोई भी इस के डर से तेरा फूल प्रभु मुरजाया,

कैसा दानव धरती पे आया जिसने सारे जगत को हिलाया,

चारो और त्राहि त्राहि मची है अब तो जान भी ना बची है

लाशो को नही मिलते कंधे हर उम्मीद टूटी हुई है

भार कैसे उठाएगी धरती बच्चो का दर्द दिल में समाया

ना बचा कोई भी इस के डर से तेरा फूल प्रभु मुरजाया,

दूरिया इतनी बड गई है जिन्दगी मानो थम सी गई है

सब बैठे है अपने घरो में सारी खुशिया मानो लुट गई है

हसी चेहरे पे भगवान दिला दो सब ने कुछ न कुछ है गवाया

ना बचा कोई भी इस के डर से तेरा फूल प्रभु मुरजाया,

तेरे मंदिर पे ताले जड़े है तेरे दर्शन को लाले पड़े है

मन में करते अरदास तुम से बिन चले पाओ छाले पड़े है

राजू होश सब ने खो दिया है टूट गई है भगवन ये काया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।