करुनामई तुम हो के रमा करे तुम्हे नमन जहान

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

करुनामई तुम हो के रमा करे तुम्हे नमन जहान

मन में उमीदे लिए आये है दर तेरे सब की बिगड़ी तू देती बना

करे तुम्हे नमन जहान....

जब जब धरा पे संकट आये तूने लिया था हर तूफ़ान थाम,

आज विकट ये आई घड़ी माँ आके बचा लो सब के प्राण

भूल हुई अगर नादानी में मैया अब तो कर दो छमा

करे तुम्हे नमन जहान

धन दोलत है एक छलावा ये जग दो दिन का डेरा

सचा सुख बस उसको मिला है जिस ने पाया प्यार तेरा

तेरी भगती में है शक्ति ऐसा करिश्मा और कहा

करे तुम्हे नमन जहान

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।