वो तो भूता का से थानेदार बाला जी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

कष्ट मिटावे बाला भुत बजावे,

राह भगता ने भव् से निकाल बाला जी

वो तो भूता का से थानेदार बाला जी

जाओ मेहंदीपुर जाओ जाके अर्ज लगाओ

ओपरी पराई थारी मिट बाला जी

जो तो भगता ने करे मालामाल बाला जी

बाँध के हाथ पैर कूटे से भूता ने,

भाग ते न भूत भगतो खाए बिना जूता ने

बाला जी सरदार म्हारा करे गा जुगाड़

सारे भूता ने कैद में डाले बाला जी

वो तो भूता का से थानेदार बाला जी

सारे भगता के बाबा बेड़े बने लावे से

दुःख हारे भगता ने गले से लगावे से

यु तो करते कमाल बाबा राखा सबका ख्याल

नैया भगता की पार लगावे बाला जी

जो तो भगता ने करे मालामाल बाला जी

सतावे जो भुत तने बाला जी जाइयो रे

बाला जी के चरणों में अर्जी लगाइयो रे

इक बाला का सहारा पार करदे बेडा थारा

जाके सवा मणि भेट चड़ाए बाला जी

वो तो भूता का से थानेदार बाला जी

चेहल दीवाने कभी चक्र में पड़ीयो न

साने और ढोंगियों में विश्वाश करियो न

म्हारा बाबा मत वाला भगता का रखवाला सारे भूत से पानी भरावे बाला जी

जो तो भगता ने करे माला माल बाला जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।