अंजनी के लाला तेरे खेल है निराले

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरी दुनिया में होई न सुनाई

गम की पिटारी लेके दर तेरे आई

दुखी भगतो को गले से लगा ले बाला जी

अंजनी के लाला तेरे खेल है निराले

सुना तूने भगतो को सारा गम ले लिया

मारे सब ताने हर गम मैंने सेह लिया

छोड़ के दुनिया सारी आई शरण तिहारी

मुझे अपने ही घर से निकाले

अंजनी के लाला तेरे खेल है निराले

लाचारी मज़बूरी गमो की सोगात ये

बिगड़ी बनादे बाबा मेरी अब बात ये

कर दे वारे न्यारे लुटा मैं नजारे

तेरा नाम है विपदा को टाले

अंजनी के लाला तेरे खेल है निराले

तुम सा ना बाबा सारे जग में न कोई

मेरी भी जगा दे बाला किस्मत सोई

नाम तेरे की मैं तो जोगन होइ

तेरे चेहल को मिली है जुदाई

गम की पिटारी लेके घर तेरे आई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।