जिंदगी है मगर पराई है

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॥ पावन पाठ ॥

जिंदगी है मगर पराई है

लोग कांटो की बात करते है

हमने फूलों से चोंट खाई है

अच्छे अच्छो ने हमको धोखा दिया

तू भी देदे तो क्या बुराई है

जिंदगी है मगर पराई है

सारे अपने तो मुझसे रूठ गए,

मेरी किस्मत मेरी तन्हाई है

जिंदगी है मगर पराई है

लोग हम को तो बुरा केहते है,

तू भी कहले तो क्या बुराई है,

जिंदगी है मगर पराई है

भजन गायक अभिषेक चौरसिया 9098001541

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।