लाल ध्वजा लेहराये रे बाला जी की नगरिया

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लाल ध्वजा लेहराये रे बाला जी की नगरिया

सब संकट मिट जाए बाला जी की नगरियाँ

जिस घर पे ये ध्वजा लहराई वाहा खुशिया ही खुशिया आये

अंधियारा मिट जाए रे बाला जी की नगरिया

लाल ध्वजा लेहराये रे बाला जी की नगरिया

बजरंग बली की ध्वजा निराली भाग जाग गए जिसने लगा ली

खूब किरपा बरसाये रे बाला जी की नगरिया

लाल ध्वजा लेहराये रे बाला जी की नगरिया

अष्ट सीधी नव निधि के दाता भगतो पे किरपा ये लुटाता

भव से पार हो जाए रे बाला जी की नगरिया

लाल ध्वजा लेहराये रे बाला जी की नगरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।