माँ से पूछ ले उसका हाल भी पूछने में क्या जाता है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ से मांगता फिरता है मुह मांगी मुरादे पाता है,

तेरा काम हो दोडा दोडा दर पे चला आता है

माँ से पूछ ले उसका हाल भी पूछने में क्या जाता है,

माँ की दिल की क्या बोलू माँ का दिल एक समुन्द्र है

अपने बच्चो के कितने दुःख माँ के दिल एक अन्दर है

तू भो बेटे जैसा रिश्ता माँ से क्यों ना निभाता है

माँ से पूछ ले उसका हाल भी पूछने में क्या जाता है,

माँ तो भोली भाली है वो किसी से कुछ केहती नही

बच्चो पे कोई विपदा आये वो कभी सेहती नही

चैन मिला सुख मिले है सारे फिर क्यों माँ को बुलाता है

माँ से पूछ ले उसका हाल भी पूछने में क्या जाता है,

चैन से तू सो जाता है पर माँ कभी सोती नही

माँ की ममता जैसा तो सागर में भी मोती नही

मोह माया की भाग दोड में तू क्यों वक़्त गवाता है

माँ से पूछ ले उसका हाल भी पूछने में क्या जाता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।