घुट रही भोले तेरी भांग सोने के लोटे में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

घुट रही भोले तेरी भांग सोने के लोटे में

भोले तेरी भांग पीने गनपत जी भी आये

गनपत जी भी आये संग रिधि सीधी लाये,

हमे भी पिला दो भोले भांग सोने के लोटे में

घुट रही भोले तेरी भांग सोने के लोटे में

भोले तेरी भांग पीने ब्रह्मा जी भी आये

ब्रम्हा जी भी आये संग सावित्री को लाये

हमे भी पिला दो भोले भांग सोने के लोटे में

घुट रही भोले तेरी भांग सोने के लोटे में

भोले तेरे भांग पीने विष्णु जी भी आये

विष्णु जी भी आये संग लक्ष्मी जी को लाये

हमे भी पिला दो भोले भांग सोने के लोटे में

घुट रही भोले तेरी भांग सोने के लोटे में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।