याद तेरी आवे रे साँवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नैनन को नाय कसूर,

याद तेरी आवे रे साँवरिया,

देखन को नाय क़सूर,

याद तेरी आवे रे सांवरिया

गऊवे रोवे बछड़ा तड़पे,

और रोवे सब जग धाम,

याद तेरी आवे रे साँवरिया,

याद तेरी,

याद तेरी आवे रे साँवरिया,

मेरे देखन को नाहीं क़सूर,

याद तेरी आवे रे सांवरिया।

असुवन ये मुखड़ा धोवे,

नन्द बाबा जसोदा रोवे,

और सब रोवे गोपी ग्वाल,

याद तेरी आवे रे साँवरिया,

याद तेरी,

याद तेरी आवे रे साँवरिया,

मेरे देखन को नाहीं क़सूर,

याद तेरी आवे रे सांवरिया।

नीलम तेरी याद में रोवे,

और कहुके पप्पियाँ मोर,

याद तेरी आवे रे साँवरिया,

याद तेरी,

याद तेरी आवे रे साँवरिया,

मेरे नैन बहे जलधार,

दरश मोहे दे जा रे साँवरिया,

मेरे देखन को नाहीं क़सूर,

याद तेरी आवे रे सांवरिया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।