द्वार खड़ी श्री श्याम तुम्हारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

द्वार खड़ी श्री श्याम तुम्हारे,

श्याम प्रभु तुम दया करो,

करूँ तुम्हारी चरण वंदना,

कष्ट हमारे विदा करो,

द्वार खड़ी श्री श्याम तुम्हारे,

श्याम प्रभु तुम दया करो।

तुमको है मालूम सभी कुछ,

घेरें खड़े हैं गम कितने,

तुमसे नहीं तो किससे कहें,

लाचार बड़े हैं हम कितने,

तुमसे है ये विनती मेरी,

क्षमा करो अपराध मेरे,

भीड़ दुखों की घेरे खड़ी है,

कोई नहीं है साथ मेरे,

करूँ तुम्हारी चरण वंदना,

कष्ट हमारे विदा करो,

द्वार खड़ी श्री श्याम तुम्हारे,

श्याम प्रभु तुम दया करो।

दुनियाँ की क्या बात करूँ मैं,

परछाई भी दुश्मन है,

राहें हो गई अंगारों सी,

आग में जलता जीवन है,

हाथ धरो मेरे सर के ऊपर,

शीतल सी छाया कर दो,

हो जाएं दुःख दूर हमारे,

तुम ऐसी माया कर दो,

करूँ तुम्हारी चरण वंदना,

कष्ट हमारे विदा करो,

द्वार खड़ी श्री श्याम तुम्हारे,

श्याम प्रभु तुम दया करो।

कब काटोगे श्याम हमारी,

किस्मत की जंजीरों को,

रंग दो खुशियों से हाथों की,

इन बेरंग लकीरों को,

दया करो हे खाटू वाले,

दर दर की ठुकराई हूँ,

न्याय मिलेगा दर पे तुम्हारे,

यही सोच के आई हूँ,

करूँ तुम्हारी चरण वंदना,

कष्ट हमारे विदा करो,

द्वार खड़ी श्री श्याम तुम्हारे,

श्याम प्रभु तुम दया करो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।