बाबा का बुलावा आ गया चलो सालासर भक्तों

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाबा का बुलावा आ गया चलो सालासर भक्तों

वहां बैठे अंजनी लाल करते इक पल में कमाल

अब मैं इससे ज़्यादा क्या कहूं

भक्तों के मन को भ गया चलो सालासर भक्तों

हनुमत का बुलावा आ गया चलो सालासर भक्तों

बाबा का बुलावा आ गया..................

वहां बजते ढोल नगाड़े नाचे हैं भक्त प्यारे

हैं रंग गुलाल उड़ाएं मस्ती में झूमे जाएँ

भक्तों को खूब नचा गया चलो सालासर भक्तों

बाबा का बुलावा आ गया..................

कोई पैदल चलके जाए हाथों में ध्वजा उठाये

बाबा को खूब रिझायें जैकारे खूब लगाएं

बाबा पल में ख़ुशी दिखा गया

चलो सालासर भक्तों

हनुमत का बुलावा आ गया चलो सालासर भक्तों

बाबा का बुलावा आ गया..................

मोना प्रिंस भी दर पे जाएँ चरणों में शीश झुकाएं

हैं सवा मणि लगवाएं हैं दर पे ज्योत जगाएं

संकट को दूर भगा गया चलो सालासर भक्तों

बाबा का बुलावा आ गया..................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।