श्याम अपने गले से लगाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हो सके तो अगर, श्याम मेरे,

जो हुआ सो हुआ, भूल जाओ,

माफ़ कर दो मेरी गलतियों को,

श्याम अपने गले से लगाओ।

एक आवाज़ भीतर से आए,

जो किया वो सही ना किया है,

ना समझ था ना समझा इशारा,

तूने हर बार मुझे दिया है,

ना मैं दूंगा शिकायत का मौका,

लो शरण तुम चरण में बिठाओ,

माफ़ कर दो मेरी गलतियों को,

श्याम अपने गले से लगाओ।

मेरा कोई नहीं बिन तुम्हारे,

छोड़ देना नहीं मेरी बाँहें,

मेरा कोई नहीं बिन तुम्हारे,

छोड़ देना नहीं मेरी बाँहें,

जाने अनजाने में चल पड़ा था,

अब ना देखूंगा, मुड के वो राहें,

मैं चलूँगा उन्ही रास्तों पे,

हाथ थामे जिधर तुम चलाओगे,

माफ़ कर दो मेरी गलतियों को,

श्याम अपने गले से लगाओ।

वक़्त बीता बदल ना सकूंगा,

जो बचा है उसे तुम सभालो,

वक़्त बीता बदल ना सकूंगा,

जो बचा है उसे तुम सभालो,

मैं भँवर में कहीं खो जाऊँगा,

नांव लहरों से मेरी बचा लो,

काची माटी सचिन की है बाबा,

ढाल साँचें में जैसा बनाओ,

माफ़ कर दो मेरी गलतियों को,

श्याम अपने गले से लगाओ।

हो सके तो अगर, श्याम मेरे,

जो हुआ सो हुआ, भूल जाओ,

माफ़ कर दो मेरी गलतियों को,

श्याम अपने गले से लगाओ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।