ज़िन्दगी की राहों में तू श्याम धुन गाये जा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ज़िन्दगी की राहों में तू श्याम धुन गाये जा

भटकने ना पायेगा तू श्याम को मनाये जा

ज़िन्दगी की राहों में तू...................

अकेला ही आया है तू अकेला ही जायेगा

संग कोई जायेगा ना श्याम नाम जायेगा

ज़िन्दगी की राहों में तू...................

खाली हाथ आया है तू खाली हाथ जायेगा

कुछ नहीं पायेगा तू श्याम धन पायेगा

ज़िन्दगी की राहों में तू...................

चौरासी लाख योनि भटक कर तू आया है

मानव जीवन को तू भजन में लगाए जा

ज़िन्दगी की राहों में तू...................

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।