पिता ब्रह्मा पिता विष्णु पिता

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

पिता ब्रह्मा पिता विष्णु पिता भगवान दुनिया में

पिता जैसा नही कोई भी मेहरबानी दुनिया में

पिता ब्रह्मा पिता विष्णु पिता भगवान दुनिया में

ये बच्चो के लिए चुन चुन लाता आप वो दाना है

ये इक इक जोड़ कर तिलका बनाता आशियाना है

ये करता जान तक बच्चो पे है कुर्बान दुनिया में

पिता ब्रह्मा पिता विष्णु पिता भगवान दुनिया में

पिता की गोद में सारे जहान की शेह्न्शाई है,

पिता के प्यार की कीमत न दे सकती खुदाई है

पिता के होते बच्चो की है उची शान दुनिया में

पिता ब्रह्मा पिता विष्णु पिता भगवान दुनिया में

पिता बन कर पता मजबूर लगा ये कैसा रिश्ता है

उतर कर आता जन्नत से पिता बन कर फ़रिश्ता है

इसे दुःख दे के सुख पाती नही संतान दुनिया में

पिता ब्रह्मा पिता विष्णु पिता भगवान दुनिया में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।