सोरी राधा जी आज थोड़ा लेट हो गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पहले तो मैया ने ही मारी झिड़की,

बंद किया दरवाजा सारी खिड़की,

मैं हुआ परेशान, कैसे मिलूं मेरी जान,

रे दिल चिंता में खो गया,

सोरी राधा जी, सॉरी राधा जी,

आज थोड़ा लेट हो गया

राधे तेरी जिद बिना नींद नहीं आती,

मुरली भी तेरे बिन चैन नहीं पाती,

दिया तुझको दिल अब रहना मुश्किल,

रे तेरा रूप मन मोह गया,

सोरी राधा जी, सॉरी राधा जी,

आज थोड़ा लेट हो गया

जाने कैसा जादू तूने कर दिया मोपे,

दिल मेरा डोल डोल जाता है तोपे,

चाहे दिन हो या रैन नहीं मिले बिन चैन,

देख सपना मैं सो गया,

सोरी राधा जी, सॉरी राधा जी,

आज थोड़ा लेट हो गया

जब जब श्याम तोसे मिल नहीं पाए,

दिल का कमल राधे खिल नहीं पाए,

तुझे सब एहसास चाहूँ रहूं तेरे पास,

यही सपने संजो गया,

सोरी राधा जी, सॉरी राधा जी,

आज थोड़ा लेट हो गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।