जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे,

हो जाए तेरा जो भी आए तेरे दरबार मे,

जाने ना जाने ना जाग को खबर कब होगी,

जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे,

सूरत तेरी बड़ी है प्यारी अंखिया है नूरानी,

नज़र उतारू तेरी जोगी जौ मई बलिहारी,

हा जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे,

हो जाए तेरा जो भी आए तेरे दरबार मे,

जाने ना जाने ना जाग को खबर कब होगी,

तेरा दर्शन करकरके मनु और ना मंगु कुच्छ भी,

तेरी एक मुस्कान पे वारू दौलत मान बड़ाई,

हा जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे,

जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे,

जाने ना जाने ना जाग को खबर कब होगी,

तेरा रूप है सबसे प्यारा सत्संग तेरा न्यारा,

सबको नाच नचाए जोगी कैसा भोला भला,

जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे,

जोगी जोगी जोगी आए तेरे द्वार में,

तुझसे ही है सब हरियाली महकी डाली डाली,

जो भी तुझको देखे जोगी च्चाए मुख पे लाली,

हा जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे,

हो जाए तेरा जो भी आए तेरे दरबार मे,

जोगी जोगी जोगी आए तेरे द्वार मे,

मेरे दिलबर मेरे रहबार साथ सदा तुम रहना,

दूर्ना ना होना मुझसे जोगी ऐसा मेरा कहना,

जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार मे,

तू तो कैसा दाता जोगी देता कुच्छ नही लेता,

देकर अपना आपा जोगी मुक्त हाेमिन कर देता,

हा जोगी रे क्या जादू है तेरे प्यार में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।