भेज के बुलावा माँ बुलाया तूने प्यार से

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भेज के बुलावा माँ बुलाया तूने प्यार से

पेहले से भी ज्यादा मिला तेरे दरबार से

भेज के बुलावा माँ बुलाया तूने प्यार से

मैया इक बात मैं बताऊ तुझे राज की

लकी ड्रा में निकली थी भेट ये जहाज की

अब के मैं आया नही ट्रेन बस कार से

भेज के बुलावा माँ बुलाया तूने प्यार से

तू भी है देसेंट तेरा दर भी दीसेंट माँ

दिया इस गरीब को विआपी ट्रीटमेंट माँ

पेहले से भी ज्यादा मिला तेरे दरबार से

भेज के बुलावा माँ बुलाया तूने प्यार से

अपने खजाने की मंगा दी मुझे चाबिया

मेहर बड़ी माँ ने की फडा दी मुझे चाबिया

बोले जो भी चाहे लेजा मेरे भण्डार से

पेहले से भी ज्यादा मिला तेरे दरबार से

भेज के बुलावा माँ बुलाया तूने प्यार से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।