डम डम डमरू बजावे भोला आप

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आ गई भोले शंकर दी आ गई बारात

डम डम डमरू बजावे भोला आप

नचन लग पए चन ते तारे नाच पाए धरती आकाश

आ गई भोले शंकर दी आ गई बारात

डम डम डमरू बजावे भोला आप

न्च्दा है आप नाले सब नु नचोंदा एह

भुत ते प्रेत सार कठे कर आउंदा ऐ,

उची उची रोला पौंदे बज दे संख ते ना

आ गई भोले शंकर दी आ गई बारात

डम डम डमरू बजावे भोला आप

गोरा दिया सईंया गोरा कोल आके बेह्न्दिया

बैल ते सवार लाडा गोरा तेरा केहंदीया

जेह्डा वेखे वेख दा रेह जे

कर दा पेया मजाक

आ गई भोले शंकर दी आ गई बारात

डम डम डमरू बजावे भोला आप

गल विच नाग देख दुनिया हैरान एह

आखदा मंडाली ओह ता भोला भगवान एह

सत्ते पा लै दर्शन तू भी बन जाऊ गी बात

आ गई भोले शंकर दी आ गई बारात

डम डम डमरू बजावे भोला आप

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।