सब राजन के राजा

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सब राजन के राजा,

तुम हो सब राजन के राजा,

आपे आप ग़रीब नवाज़ा,

सब राजन के राजा,

तुम हो सब राजन के राजा

महाकाल रखवार हमारो,

महालोह मैं किंकर थारो,

अपना जान करो रखवार,

बहि गहे की लाज विचार,

सब राजन के राजा,

तुम हो सब राजन के राजा

अपुना जानि मुझै प्रतिपरीऐ

चुनि चुनि सत्र हमारे मरीऐ

देग तेग जग मै दोऊ चलै

राखु आपि मुहि अउर न दलै

सब राजन के राजा,

तुम हो सब राजन के राजा

तुम मम करहु सदा प्रतिपारा,

तुम साहिब मै दास तिहारा,

जानि आपना मुझै निवाज,

आपि करो हमरे सभ काज,

सब राजन के राजा,

तुम हो सब राजन के राजा

तुम हो, सभ राजन के राजा,

आपे आपु गरीब निवाजा,

दास जान करि क्रिपा करहु मोहिं,

हारि परा मै आनि द्वार तुहि

अपुना जानि करो प्रतिपारा,

तुम साहिबु मै किंकर थारा,

दास जानि कै हाथि उबारो,

हमरे सभ बैरीअन संघारो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।