राम को जब तिलक की तैयारी हुई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राम को जब तिलक की तैयारी हुई,

फिर तो खुशियाँ अयोध्या में भारी हुई,

चंद घड़ियों में बदली ख़ुशी की घड़ी,

एक दासी ने कर दी मुसीबत खड़ी,

रानी कैकई को मंथरा ने भड़का दिया,

यह बचन मांगों राजा से समझा दिया,

राज गद्दी हो मेरे भरत के लिए,

राम बनबास चौदह बरस के लिए

राजा दशरथ यूं रो रो के कहने लगे,

हाय बनबास मेरा दुलारा गया

लुट गए मेरे अरमान मेरी ख़ुशी,

टूट कर मेरी आँखों का तारा गया

क्या मिलेगा तुम्हें ऐसी जिद ठान कर,

इस तरह से न खेलो मेरी जान पर,

कैसे जीना हो मुश्किल पड़ी प्राण पर,

जब कि बनबास प्राणों का प्यारा गया

भाई लक्ष्मण व सीता भी संग हो लिए,

सब ने माता पिता के चरण छू लिए,

आज्ञा दो बचन अपना पालन करें,

राम ह्रदय से ऐसा पुकारा गया

राम लक्ष्मण सिया बन को जाने लगे,

रीति रघुकुल की रघुवर निभाने लगे,

इस तरह से किया देखो पूरा बचन,

होनी बलबान जिसको न टारा गया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।