छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

मीरा बाई
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॥ पावन पाठ ॥

छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो गाया रो ग्वाल

साधारी संगत मीरा बाई छोड़ दो जी

आज मेरतली रहवो - रहवो सहेलिया रे साथ

छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो गाया रो ग्वाल

साधारी संगत राणो महासे ना छूटे जी

आज राणो जी छोड्या - छोड्या सहेलिया रा साथ

छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो गाया रो ग्वाल

भगवा तो कपडा मीरा बाई छोड़ दो जी

आज मेरतली पहरो-पहरो चित्रेडया रो चीर

छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो गाया रो ग्वाल

भगवा तो कपडा राणो महासे ना छूटे जी

आज राणो जी छोड्या - छोड्या चित्रेडया रा चीर

छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो गाया रो ग्वाल

कंठी तो माला मीरा बाई छोड़ दो जी

आज मेरतली पहरो-पहरो नौलख हार

छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो गाया रो ग्वाल

कंठी तो माला राणो महासे ना छूटे जी

आज राणो जी छोड्या - छोड्या नौसर हार

छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो गाया रो ग्वाल

बा गाया बोली मीरा बाई नै तोल ली जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो नन्द किशोर

छोटी सी उमरिया में मीरा बाई नै हरी मिल्या जी

आज मीरा नै मिलगयो - मिलगयो गाया रो ग्वाल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।