एक तू ही मेरा आखिरी सहारा रुणीजे वाले लाज रखना

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

एक तू ही मेरा आगरे सहारा रुणीजा वाले लाज रखना

मैंने सब कुछ तुझको ही माना, रुणीजा वाले लाज रखना

धरती पर अवतार ले आया ऊंच-नीच का भेद मिटाया।

ओ नीले घोड़े वाले दौड़े चले आना ।।

रुणीजा वाले लाज रखना......

झूठे भरोसे दुनिया दिलाएं, वक्त पे कोई काम ना आए।

क्या हकीकत है, क्या है फसाना ।।

रुणीजा वाले लाज रखना......

जीवन सफर में ,जब मैं हारूं,दिल से राम सा , तुझको पुकारूं

बुरे कर्मों से मुझ को बचाना

रुणीजा वाले.............

जय सिंह शायर दिल से पुकारे, नैया हमारी बाबा तेरे सहारे।

ओ बाबा रुकना ना ,करके बहाना।।

रुणीजा वाले लाज रखना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।