हाथ में सोटा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लाल लंगोटा हाथ में सोटा , बैठ्या बजरंग बाला

हृदय में सिया राम बिराजे , जपे राम की माला

चैत्र सुधी पुनम मंगल को , जन्म वीर ने पाया

शिव शंकर भोला बाबा ही , हनुमत बनके आया

केसरी नंदन कहलाया , माता अंजनी का लाला

हृदय में सिया राम बिराजे , जपे राम की माला

मंगल और शनिवार प्रेम से , जो सिन्दूर चढ़ाते

लाडू बूंदी और चूरमा , पेड़े भोग लगाते

संकट में वो सभी के आते , हनुमान रखवाला

हृदय में सिया राम बिराजे , जपे राम की माला

हनुमान बजरंगबली का , जो कोई नाम सुनावे

भूत प्रेत बेताल कोई भी , उसके पास ना आते

भक्तो के सब कष्ट मिटावे , ऐसा है कृपाला

हृदय में सिया राम बिराजे , जपे राम की माला

तन ते मन ते और वचन ते , जो सेवा में लागे

श्री राम की कृपा होती , सोई किस्मत जागे

भूलन दुःख दरिद्र भागे , भीतर का ज्ञान उजाला

हृदय में सिया राम बिराजे , जपे राम की माला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।