नाम तेरा दुर्गे मैया हो गया दुर्गुणों का नाश करते करते

पारंपरिक
महादेव आरती दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अंबे भवानी तेरा ध्यान सभी है धरते

नाम तेरा दुर्गे मैया हो गया दुर्गुणों का नाश करते करते

जब-जब जग में जन्म लिए हैं पापी अत्याचारी

तब तक आई पाप मिटाने करके सिंह सवारी

सभी पापी गए मारे योद्धा बड़े-बड़े हारे

ब्रह्मा विष्णु भोले शंकर तेरी आरती उतारे

सारी संसारी सदा ध्यान तेरा ही धरते

नाम तेरा दुर्गे मैया हो गया दुर्गुणों का नाश करते करते

हाथ में खप्पड़ त्रिशूल कमंडल गल मुंडो की माला

कोटि सूर्य सम मुख छवि चमके लाल नयन विकराला

मैया दुर्गे भवानी सारी दुनिया के प्राणी

तेरी करें परिक्रमा देव ऋषि और ज्ञानी

मां कल्याणी तेरी पूजा सदा है सब करते

नाम तेरा दुर्गे मैया हो गया दुर्गुणों का नाश करते करते

जो भी मन से ध्यान लगाले उसको तू अपनाती

भक्तजनों के कष्ट मिटा कर सुख संपत्ति बरसाती

भाग्य शर्मा का जगा दो दृष्टि दया की उठा दो

अपने भक्तों को भक्ति का मां अमृत पिला दो

अंबे भवानी तुम्हें आंठो पहर हम सुमरते

नाम तेरा दुर्गे मैया हो गया दुर्गुणों का नाश करते करते

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।