सोने चांदी के झूलो में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रंग भरा है जी फूलो में मेरी मैया झूल रही सोने चांदी के झूलो में,

आई खुशबु बहारो में रंगों संग खेल रही मेरी मैया पहाड़ो में,

रंग भरा है जी फूलो में मेरी मैया झूल रही सोने चांदी के झूलो में,

पता पता है जी झूम रहा कण कण धरती का माँ के चरणों को चूम रहा,

रंग भरा है जी फूलो में मेरी मैया झूल रही सोने चांदी के झूलो में,

पता पता है जी हरश रहा मैया जी से मिलने को बच्चा है तरस रहा

रंग भरा है जी फूलो में मेरी मैया झूल रही सोने चांदी के झूलो में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।