॥ पावन पाठ ॥
तेरे दर्शन को जी करता है
तुमसे मिलने को जी करता है
तेरे चरणों में ध्यान लगता है
तेरे दर्शन को जी करता है
कोई केहता तुम्हे दूधाधारी है
कोई केहता तुम्हे चिमटा धारी है
तेरे दर्शन को जी करता है
बाबा जिनको भी चाहे बुलाते है
पल में भगतो के दुखड़े मिटाते है
बिन मांगे ही सब कुछ लुटाता है
तेरे दर्शन को जी करता है