हम छी आहाँ के बालक

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हम छी आहाँ के बालक। अज्ञान ज्ञान नै ये,

दुनियां में हमर मैया2 कोनो ठिकान नै ये,

पूजा आहाँ के कैलौ पाठो आहाँ के कैलौ,

आहाँ नाम के है मैया दिन रैत जाप कैलौ,

ऐ दुखिया पर हे मैया कनियो धियान नै ये,

हम छी आहाँ के बालक......

हम छि अधम है मैया एकबेर हमरा ताकू,

आहाँ के चरण पड़ल छि अपना सरन में राखु,

हम्मर ब्यथा हे मैया कियो नै सुनै ये,

हम छि आहाँ के बालक...

प्यासा ये दुख में डूबल नैनन में अश्रु धारा,

आहाँ बिना हे मैया नै छै कियो सहारा,

जीवन के भार सौपी आहाँ के भजन गाबे ये

हम छी आहाँ के बालक....

हेमकान्त झा प्यासा

Hemkant jha प्यासा

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।