चालो मारी रेल भवानी

चम्पा लाल प्रजापति 89479-15979
श्री गणेश भजन विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

चालो म्हारी रेल भवानी ये चाला संता रे देश,

मारा सतगुरु खोली बारी , हुई टिकट की तैयारी,

बैठ चलो नर नारी रे, सिवरा देव गणेश,

मारा सतगुरु बणिया टीटी ,गार्ड लगाई सिटी ,

या दुनिया पड़ गई फीकी रे ,भूल्या फिरे नरेश,

कोई हरि हरि झण्डी हाली, डाक डगा मग चाली,

दस बीस कोष पर हाली रे, मिट जा कर्म क्लेश,

संत सुखी राम उदासी ,सत अमरापुर रो वासी,

थारो फेर जन्म नही आसी रे ,साँचा लिया उपदेश,

गायक - चम्पा लाल प्रजापति 89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।